पंचायत चुनाव की सरगर्मी के बाद, अवैध शराब के कारोबार ने पकड़ा जोर
पंचायत चुनाव की सरगर्मी के बाद, अवैध शराब के कारोबार ने पकड़ा जोर
ब्यूरो रिपोर्ट:-अभय सिंह
संयुक्त टीमों की कार्यवाहियों के बाद भी शराब माफिया-बेलगाम आखिर क्यों?
फ़तेहपुर, पंचायत चुनाव की सरगर्मी शुरू हो चुकी है और उसमें भी होली का त्यौहार नजदीक आ रहा है। विभिन्न क्षेत्रों के विभिन्न पदों के प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत पक्की करने के लिए विभिन्न तरीके अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ दावेदार शराब बांटने की जुगत में लगे हैं तो कुछ अन्य तरह की बिसात बिछाने में लगे हैं। ग्राम पंचायत भले ही सबसे छोटी इकाई है, लेकिन इसका चुनाव कराना प्रशासन के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता रहा है। पुलिस विभाग के जनपद स्तरीय अधिकारियों के शख्त निर्देशों के बाद भी कुछ थाना-चौकी स्तर का पुलिस विभाग अभी भी पूर्णतया सक्रिय नजर नही आ रहा है, और अब अगर जिले के आबकारी विभाग की बात की जाए तो ये विभाग कभी-कभी कुछ छोटी-मोटी कार्यवाहियां करके वाहवाही लूटने का प्रयास करता रहता है। अक्सर देखने-सुनने में आता है कि पुलिस व आबकारी की संयुक्त टीम ने कच्ची शराब बनाने के माल सहित शराब की भट्टियाँ व शराब बनाते लोगों को पकड़ा, और शराब की अवैध भट्टियों तथा बरामद लहन को नष्ट किया। पर एक बात समझ से परे है कि जनपद में शराब माफियाओं, तस्करों पर कार्यवाहियां हो रही है फिर भी जनपद में अभी भी कई जगह भट्टियाँ धधक रही है। कहीं इसका कारण अवैध शराब की बिक्री व अवैध शराब के निर्माण पर सम्बंधित विभाग द्वारा बड़ी कार्यवाहियों का लगातार न करना तो नहीं। इसको देखते हुए अवैध शराब के मामले में कहा जा सकता है कि कहीं न कहीं सम्बंधित विभाग की कार्यशैली में लापरवाही नजर आती है।
बता दें कि पंचायत चुनाव व होली के त्योहार को देखते हुए शासन-प्रशासन ने आदेश तो शख्त दे रखे हैं पर पालन कितना हो रहा है शायद ये अब किसी जे छिपा नही है। अगर संबंधित विभाग के जिम्मेदार कर्मचारी व अधिकारी सक्रिय नही होते हैं तो ये अवैध शराब पियक्कड़ों के लिए जानलेवा हो सकती है।
अभय सिंह
फतेहपुर




