जिलाधिकारी ने किया बाढ़ के मद्देनजर नदी उस पार क्षेत्रों का भ्रमण
जिलाधिकारी ने किया बाढ़ के मद्देनजर नदी उस पार क्षेत्रों का भ्रमण
भ्रमण दौरान,पुल, आवागमन के रास्ते,प्राथमिक विद्द्यालय, स्वास्थ्य केंद्रों सहित बाढ़ वचाव हेतु दिये आवश्यक निर्देश
धर्मेन्द्र कुमार कन्नौजिया
सुदूर क्षेत्रों के विद्द्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों के स्टाफ हेतु आवास निर्मित कराने का दिए निर्देश
कुशीनगर।
जिलाधिकारी महोदय श्री एस0 राजलिंगम द्वारा अतिसंवेदनशील बाढ़ क्षेत्रों का दौरा किया गया एवं संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया कि संभावित बाढ़ क्षेत्रों में बाढ़ पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण कर लें। आज सुबह से ही जिलाधिकारी महोदय, पुलिस अधीक्षक, अन्य अधिकारियों के साथ बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों के निरीक्षण पर थे। इस क्रम में वे सर्वप्रथम रोहुआ नाले पर पहुँचे जहाँ स्थानीय लोग, उप जिलाधिकारी खड्डा, व लेखपाल से सारी जानकारियां ली एवं आवश्यक निर्देश दिए। फिर प्राथमिक विद्यालय सोहगीवरवा निचलौल जनपद महराजगंज पहुँचे। वहां अंतिम जून से पहले एस0 डी0 आर0 एफ0 की टुकड़ी रुकेगी, जिसके संदर्भ में उन्होंने आवश्यक व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया, बिहार व यू0पी0 के क्षेत्रों की जानकारी ली, उस क्षेत्र में कच्चे/ पक्के पुल के बारे पूछताछ की।बरसात के समय मे किन क्षेत्रों में नाव की आवाजाही होती है इस संदर्भ में जानकारी ली।उन क्षेत्रों में बाढ़ बचाव हेतु सभी कार्यों को समय से पूर्ण करवाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कुशीनगर के सीमावर्ती क्षेत्रों का भी दौरा किया व सोहगीवरवा पंचायत भवन के पास के रास्ते को बनाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी महोदय पुलिस चौकी शिवपुर थाना खड्डा भी पहुचे तथा स्थानीय लोगो व अधिकारियों से बाढ़ की जानकारी ली। उस क्षेत्र के बी0डी0ओ0 तथा डी0पी0आर0ओ0 को निर्देशित किया कि क्षेत्र के हैंड पम्प को ऊंचे चबूतरे पर बनावे तथा पानी बदबूदार न हो इस बात को भी चेक करें। शिवपुर स्थित प्रथमिक विद्यालय भवन गए वहा मिली जानकारी के अनुसार उस क्षेत्र के सारे विद्यालय बरसात भर बंद रहते हैं। डीएम ने कहा कि यहां पर प्राथमिक विद्यालय शिवपुर के भवन को तोड़कर नया निर्माण बनाइए और थोड़ी ऊंची जगह पर इसको बनाया जाए। जिलाधिकारी महोदय ने पूछा क्या यहां शिक्षक आते हैं तो शिक्षकों के रहने के लिए आवास भी बनाया जाए । उन्होंने यह भी जानकारी ली कि यहां कौन-कौन से भवन इस्तेमाल में है उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों हेतु स्कूल स्टाफ हेतु तथा पुलिस हेतु रेजिडेंशियल क्वार्टर बनाया जाए। इसके बाद वह शिवपुर अस्पताल पीएचसी गए जहां जर्जर अवस्था में अस्पताल के भवन का निर्माण करने के आदेश दिए उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि डॉक्टर/ पैरामेडिकल स्टाफ के रहने के लिए आवास बनाया जाए। जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि निर्माण से संबंधित जो भी कार्य किया जाएगा इस बात को ध्यान में रखकर किया जाए कि 3 फीट में पानी भर जाता है। कम्युनिटी हॉल और पुलिस चौकी की स्थापना की भी बात उन्होंने की उन्होंने पुल पर मिट्टी भरकर सोलिंग करवाने के भी निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने शिवपुर में बाढ़ शरणालय हेतु स्थल का निरीक्षण किया। के वहां पर उन्होंने नावो की उपलब्धता के बारे में पता लगाया । उन्होंने बाढ़ शरणालय को ऊंचे स्थान पर बनाए जाने हेतु बी डी ओ खड्डा को मिट्टी डालने का निर्देश दिया । सोहगीवरवा से बसंतपुर स्कूल के बीच एक पुलिया बनाए जाने का निर्देश ए0एम0ए0 पंचायत को दिया गया। जिलाधिकारी महोदय का अंतिम पड़ाव हरिहरपुर पंचायत भवन था, जहां ग्राम प्रधान से यह पूछा कि बरसात के दिनों में यहां पानी कितना भरता है। ग्राम प्रधान ने कहा कि पानी कमर तक आ जाता है मचान बनाकर लोग रहते हैं और लोग पलायन नहीं करते है। जिलाधिकारी महोदय ने पीने के पानी ,चारा स्टोर करने के लिए जगह, राहत सामग्री रखने के लिए जगह के निर्देश दिए। पंचायत भवन में पानी आता है तो उसे भी ऊंचा करने के निर्देश दिए। सीएमओ से उन्होंने कहा कि सचल दल की गाड़ी यहां पर रहेंगी डॉक्टर के रहने की व्यवस्था की जाए । उन्होंने गांव में सोलर लाइट लगाए जाने की भी बात की। और हर बाढ़ चौकी पर पर्याप्त मात्रा में सोलर लाइट को लगाए जाने के निर्देश दिए गए।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के जानवरों के लिए चारा/भूसा आदि की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर लें।
सम्भावित बाढ़ के दृष्टिगत संवेदनशील क्षेत्रो का दौरा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि संभावित बाढ़ क्षेत्रों का निरीक्षण कर सभी तैयारियां पूर्ण कर लें और नदी से कटान होने वाले ग्रामों को चिन्हित करें तथा बाढ़ निरोधक कार्यो के क्षतिग्रस्त स्थलों की मरम्मत आदि के लिए मजदूर एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था कराना सुनिश्चित करायें। और ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ निरोधक कार्यो के क्षतिग्रस्त स्थालों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के बीडीओ, ग्राम प्रधान, एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों एवं थानाध्यक्षों के साथ समन्वय बना कर रखे। और नादियों में पानी छोड़े की जानकारी मिलने पर संबंधित ग्रामवासियों को तत्काल सूचित करें तथा बाढ़ चौकियों को सर्तक रखें एवं बाढ़ चौकियों पर संबंधित क्षेत्र के कानूनगों व लेखपालों को जिम्मेदारी सौपी जाये और संबंधित थाना एवं उप जिलाधिकारी को सूचित करें।
जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी खड्डा को निर्देश दिये कि अपने क्षेत्र में अधिनस्थ अधिकारियों के माध्यम से बाढ़ नियंत्रण के संबंध में चौकसी बरते और बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचवाना सुनिश्चित करेगें। उन्होने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के जानवरों के लिए चारा/ भूसा आदि के टेण्डर आदि कराकर भूसा आदि की व्यवस्था पहले से कराना सुनिश्चित करें तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के जानवरों का प्राथमिता पर शतप्रतिशत टीकाकरण करायें जाने की व्यवस्था करें। जिलाधिकारी ने सीएमओ से कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए स्वास्थ्य टीमों का क्षेत्रवार गठन करा लें।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हैण्ड पम्पों को ऊंचा कराकर चबूतरा बनवायें ताकि बाढ़ आने पर हैण्ड पम्प का पानी दूषित न हो तथा ग्रामवासियों को पेयजल की समस्या न हो।अधिकारियों ने जिलाधिकारीको आश्वासन दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के समस्त कार्यो के बाढ़ आने से पहले पूर्ण कर लिया जायेगा।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अनुज मलिक, पुलिस अधीक्षक सचिन्द्र पटेल, अपर जिलाधिकारी विंध्यवासिनी राय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र गुप्ता , उप जिलाधिकारी खड्डा अरविंद कुमार, डी पी आर ओ राघवेन्द्र द्विवेदी , ए एम ए विन्धयाचल कुशवाहा, बी डी ओ खड्डा, अधि0 अभि0 बाढ़ खंड , डी सी मनरेगा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, समेत सभी संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
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