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अपने जीवन मे किया 5 बार रक्तदान और बताया की रक्तदान ही महादान हैं।

अपने जीवन मे किया 5 बार रक्तदान और बताया की रक्तदान ही महादान हैं।

 

(राकेश कुमार मध्देशिया)
तमकुही रोड कुशीनगर। रक्तदान महादान रक्त तो सभी के रगो में बहता है,पर जीवन रक्षण के लिए इसका दान करना सभी के बस की बात नही है।
रक्तदान के लिए दृढ़ निश्चयी और प्रबल आत्मविश्वासी होना पड़ता है,जो कि हमारे रक्तवीरों में कूट-कूट कर भरा पड़ा है। आज हम बात कर रहें एक ऐसे ही रक्तवीर पकड़ियार पुरबपट्टी सेराज नगर निवासी समाज सेवी राजेश्वर कुमार गुप्ता की जिन्होंने अपने जीवन में आज तक 5 यूनिट रक्त असहाय लोगो को दान कर चुके है इतना ही नही अभी तक दर्जनों लोगों को मदद भी किये है।


गोरखपुर निवासी एक महिला को ट्यूमर का आपरेशन हुआ था। उनके इलाज के लिए 3 यूनिट रक्त की अत्यंत आवश्यकता था।
तब उन्होंने राजेश्वर कुमार गुप्ता से संपर्क किया और वह तुरंत गोरखपुर में जाकर एक अंजान महिला के लिए 1 यूनिट ब्लड अपना गोरखनाथ हॉस्पिटल में ब्लड बैंक में दान किया।
राजेश्वर कुमार गुप्ता ने कहा कि खून एक ऐसी चीज है जिसे बनाया नहीं जा सकता।
रक्तदान महादान कहलाता है क्योंकि हमारा रक्त मुसीबत में किसी के काम आता है और हम एक अनजान से खून का रिश्ता बना लेते हैं।
18 से 60 साल का व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।
रक्तदान में महज 10 मिनट लगते हैं। रक्तदान कष्ट रहित साधारण प्रक्रिया है।
रक्तदान के बाद शरीर में स्वच्छ नए रक्त का निर्माण तेजी से होता है।
रक्तदान से मनुष्य बीमारियों से दूर रहता है। रक्तदान एक ऐसा दान है,जिसका कोई विकल्प नहीं है। एक दूसरे की मदद से ही इस जरूरत को पूरा किया जा सकता है। ऐसा तभी होगा जब लोग स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आकर जरूरतमंदों की करेंगे।उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है। आप सभी नि:स्वार्थ भाव से रक्त दान करे।

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